लुधियाना: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने हलवारा हवाई अड्डे के संचालन को राज्य के लिए आर्थिक विकास, कनेक्टिविटी और औद्योगिक विस्तार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह लंबे समय से अटका हुआ प्रोजेक्ट अब पूरे क्षेत्र के लिए व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर लेकर आया है।
मुख्यमंत्री ने पहली बार आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ एयरपोर्ट टर्मिनल का दौरा किया और वहां मौजूद लोगों से बातचीत भी की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट पंजाब सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति और वित्तीय प्रतिबद्धता का परिणाम है।
54.67 करोड़ रुपये की लागत से हुआ विकास
सीएम मान ने बताया कि राज्य सरकार ने हलवारा एयरपोर्ट के विकास पर लगभग 54.67 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने कहा कि यहां से नियमित उड़ानों की शुरुआत होने से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि पंजाब में औद्योगिक निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि अब तक सीधी उड़ानों की कमी के कारण खासकर उद्योगपतियों को दिल्ली-एनसीआर जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, जिससे समय और संसाधनों दोनों का नुकसान होता था।
आर्थिक विकास का नया केंद्र बनेगा एयरपोर्ट
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि हलवारा एयरपोर्ट क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा और पंजाब को निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट औद्योगीकरण की गति को बढ़ाएगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा।
सीएम मान ने यह भी कहा कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आने वाले समय में यहां से और अधिक उड़ानें शुरू की जाएंगी।
शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर एयरपोर्ट की मांग
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान देने की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि मोहाली एयरपोर्ट का नाम शहीद भगत सिंह और आदमपुर एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास महाराज जी के नाम पर रखा जा चुका है। इसी कड़ी में अब हलवारा एयरपोर्ट का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वे इस प्रस्ताव को भारत सरकार के समक्ष मजबूती से उठाएंगे। सीएम ने बताया कि पंजाब विधानसभा पहले ही 22 मार्च 2023 को इस संबंध में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर चुकी है।
शहीदों को श्रद्धांजलि और युवाओं के लिए संदेश
सीएम मान ने कहा कि शहीद करतार सिंह सराभा ने मात्र 19 वर्ष की उम्र में देश की आजादी के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था और वे गदर पार्टी के प्रमुख नेताओं में से एक थे। उन्होंने कहा कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार शहीदों की विरासत को संरक्षित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और विभिन्न संस्थानों व परियोजनाओं का नाम महान विभूतियों के नाम पर रखा जा रहा है।
भविष्य की योजनाएं और कनेक्टिविटी विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार साहनेवाल एयरपोर्ट को विमानन प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम कर रही है। साथ ही हलवारा एयरपोर्ट से उड़ानों के समय और नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार से चर्चा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य के विकास और लोगों की खुशहाली के लिए हर संभव कदम उठा रही है और किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
